गरियाबंद: दीवार फाड़कर निकला हाथी दांत की तस्करी के ‘सीक्रेट चैंबर’ का खुलासा
गरियाबंद | मैनपुर ब्यूरो

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में वन्यजीव तस्करी का एक ऐसा हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर एंटी-पोचिंग टीम के अधिकारी भी दंग रह गए। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) के बफर जोन में तस्करों ने पुलिस और वन विभाग को चकमा देने के लिए घर की दीवार के भीतर एक ‘सीक्रेट चैंबर’ बना रखा था। लेकिन मुखबिर की एक सटीक सूचना ने तस्करों के इस चार साल पुराने किले को ध्वस्त कर दिया।
दीवार के भीतर ‘खजाना’
मामला कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र के ग्राम सिहार का है। वन विभाग की स्पेशल टास्क फोर्स को खबर मिली थी कि पदमन नामक ग्रामीण के पास हाथी दांत की एक बड़ी खेप है। जब टीम ने दबिश दी, तो घर में सब कुछ सामान्य था। लेकिन टीम की पारखी नजरों ने दीवार की बनावट में मामूली सा फर्क ताड़ लिया। कुदाल चली तो दीवार के सीने से कंक्रीट और मिट्टी के बीच सावधानी से छिपाकर रखा गया एक असली हाथी दांत बाहर निकल आया।
4 साल से ‘सही ग्राहक’ का था इंतजार

पकड़े गए आरोपियों ने कबूल किया कि यह ‘सफेद सोना’ साल 2021 से दीवार में दफन था। मुख्य आरोपी पदमन, पुसऊराम और सुखचंद इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में मोटी रकम पर बेचने के लिए सही ग्राहक की तलाश में थे। तस्करों को भरोसा था कि दीवार के अंदर कोई झांकने नहीं आएगा, लेकिन वन विभाग की मुस्तैदी ने उनके करोड़ों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
“आरोपियों के पास से न सिर्फ हाथी दांत, बल्कि शिकार के लिए इस्तेमाल होने वाले धनुष-बाण, गुलेल और जंगली सुअर के दांत भी मिले हैं। यह कोई छोटा गिरोह नहीं, बल्कि वन्यजीवों का बड़ा शिकारी नेटवर्क लग रहा है।”
— वन विभाग, आधिकारिक बयान
शिकार या हादसा? अब DNA खोलेगा राज
इस मामले में एक रहस्यमयी मोड़ तब आया जब पूछताछ में ‘गंगाराम’ का नाम सामने आया। आरोपियों के मुताबिक, यह दांत उन्हें गंगाराम ने दिया था, जिसकी 2022 में हाथी के हमले में ही मौत हो गई थी। अब सवाल यह है कि क्या वह हाथी की मौत प्राकृतिक थी या इन शिकारियों ने दांत के लालच में उसे मौत के घाट उतारा था?
इस पहेली को सुलझाने के लिए वन विभाग ने बरामद दांत के सैंपल भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), देहरादून भेज दिए हैं। वहां होने वाली DNA जांच से यह साफ हो जाएगा कि यह दांत किस हाथी का है और क्या वह विभाग की फाइलों में दर्ज किसी मृत हाथी से मेल खाता है।
आदतन शिकारी है मास्टरमाइंड
गिरफ्तार आरोपियों में पुसऊराम का पुराना ‘काला चिट्ठा’ भी सामने आया है। वह इसी साल सांभर के अवैध शिकार में पकड़ा गया था और फिलहाल जमानत पर बाहर था। जमानत की अवधि में ही हाथी दांत जैसी बड़ी तस्करी में शामिल होना सिस्टम के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
अहम बरामदगी:
- 01 असली हाथी दांत (ठोस)
- 12 घातक तीर और 02 बड़े धनुष
- 01 पक्षी मारक धनुष और शिकार के अन्य उपकरण

फिलहाल, वन विभाग वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी कर रहा है। विभाग अब इस तस्करी के ‘इंटरनेशनल लिंक’ को खंगालने में जुटा है।

